पुलिस लाइन स्थित सभागार में हुई कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर अपराधों को रोकने और साइबर अपराधों के संबंध में जागरूक किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा ने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को साइबर अपराधों की विवेचना तत्परता से करने, विधिक तरीके से साक्ष्यों का संकलन कर अपराधों का अनावरण करते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जनता को साइबर अपराधों से बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
साइबर सेल प्रभारी नीरज भाकुनी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सभी थाना प्रभारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों को फेसबुक के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि अपने एटीएम कार्ड का नंबर और अपने बैंक एकाउंट की गोपनीय जानकारी किसी को न दें।
बैंक के अधिकारी और कर्मचारी कभी भी आपसे पासवर्ड, पिन, सीवीवी और एटीएम नंबर नहीं मांगते। बैंक से प्राप्त ओटीपी किसी से शेयर न करें। यदि कोई व्यक्ति इन नंबरों की पूछताछ और मांग कर रहा है तो निश्चित ही संबंधित व्यक्ति ठगी का शिकार हो सकता है।
फेसबुक, ईमेल आईडी पर यदि कोई परिचित इलाज, दुर्घटना होने, लॉटरी निकलने के संबंध में पैसे की मांग करता है तो इसकी पूरी तरह पुष्टि कर लें वरना इस प्रकार के मैसेज से भी लोग ठगी का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन दिनों ई-मेल और कॉल के माध्यम से लाटरी जीतने से संबंधित फर्जी संदेश भी आ रहे हैं। इससे भी सजग रहने की जरूरत है।