उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में क्रिकेट को बढ़ावा देने और क्रिकेटर तैयार करने के लिए दो आवासीय क्रिकेट एकेडमी बनने की योजना है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) ने इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब बीसीसीआई को प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद जगहों का चयन होगा। उत्तराखंड को बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद अब सीएयू ने प्रदेश में क्रिकेटरों को तैयार करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। बीते दिनों सीएयू ने क्रिकेटरों के लिए कांट्रेक्ट और स्कॉलरशिप योजना पर मुहर लगायी। अब दो आवासीय क्रिकेट एकेडमी खोलने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में क्रिकेट की मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। न कोच हैं, न ही टर्फ विकेट। इस कारण खिलाड़ियों को देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर आदि शहरों में आकर क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन लेकर कोचिंग लेनी पड़ती है। इसके लिए निजी क्रिकेट एकेडमी मोटी फीस लेती हैं। ऐसे में गरीब परिवारों के कई प्रतिभावान क्रिकेटर कोचिंग नहीं ले पाते हैं। कुमाऊं और गढ़वाल में दो आवासीय क्रिकेट एकेडमी बनाने की योजना है। इसका प्रस्ताव बीसीसीआई को भेजा जाएगा। इन एकेडमियों के बनने से पर्वतीय क्षेत्र के युवा क्रिकेटरों को फायदा मिलेगा। एसोसिएशन की कोशिश एकेडमी में गरीब परिवार के बच्चों को निशुल्क कोचिंग दिलाने की भी है।
उत्तराखंड के क्रिकेटरों के लिए सीएयू बेहतर कदम उठा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में दो क्रिकेट एकेडमी तैयार करने का प्रस्ताव बीसीसीआई को भेजने के बाद इसे मंजूर करवाएंगे। यह क्रिकेटरों के लिए अच्छा होगा कि एसोसिएशन की खुद की एकेडमी होंगी, जहां आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।